Aarti Kijeye Jai Jai Madan Gopal Ji – Radhe Kund Aarti

भलि गौर चांदेर आरति बानी |  बाजे संकीर्तने मधुर रस ध्वनि ||
शंख बाजे घंटा बाजे बाजे करताल | मधुर मृदंग ध्वनि शुणिते रसाल ||
विविध कुसुमे गले बनी वनमाला | शत कोटि चंद्र्जीनी बदन उजाला ||
ब्रह्मा आदि देव जाको करजोई करें | सहस्रा बदने फणि शिरे छत्र धरे ||
शिव शुक नारद व्यास विसारे | नाही परात्पर भाव विभोरे ||
श्रीनिवास हरिदास मंगल गाये | नरहरि गदाधर चांवर ढुलावे ||
वीरवल्लभदास श्री गौर चरने आश | जग भरी रहलो गौर महिमा प्रकाश ||
जय जय राधे जी को शरण तुंहारी | ऐई छैन आरती जाओ बलिहारी ||
पाट पटाम्बर ओढ़े नील शारी | शिन्थी पर शिन्दूर जाऊं बलिहारी ||
वेश बनायल प्रिये सहचरी | रतन शिन्घासन बैठाल गौरी ||
रतने जड़ित मर्णि मरिणक मोती | झलमल आभरण प्रति अंग ज्योति ||
चूया चन्दन गंध देयो व्रजबाला | वृषभानु राजनंदिनी बदन उजाला ||
चौदिके सखीगन देय करताली | आरति करतहिं ललित पियारी ||
नव नव व्रज वधु मंगल गाये | प्रियेनर्म सखिगन चावर ढोलावे ||
राधापद पंकज भगतहि आश | दास मनोहर करत भरोसा ||

हरत शकल संताप जनम को , मिटत तलप यम काल की
आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

गो घृत रचित कर्पूरक बाति , झलकत कंचन थाल की
आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

चन्द्र कोटि कोटि – भानु कोटि छवि , मुख शोभा नन्दलाल की
शुभ आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

चरण कमलपर नुपुर बाजे , उर्रे डोले वैजन्ती माल की
आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

मयूर मुकुट पीताम्बर सोहे , बाजत वेणु रसाल की
आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

सुन्दर लोल कपोलन किये छवि , निरखत मदन गोपाल की
आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

सुर नर मुनिगण करतहिं आरति, भगत वत्सल प्रतिपाल की
आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

बाजे घंटा ताल मृदंग झांझरी , अंजलि कुसुम गुलाल की
आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

हूँ हूँ बोली बोली रघुनाथदास गोस्वामी, मोहन गोकुल लाल की
शुभ आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

मदन गोपाल जय जय यशोदा दुलाल की
यशोदा दुलाल जय जय नन्द दुलाल की
नन्द दुलाल जय जय गिरिधारी लाल की
गिरिधारी लाल जय जय गोविन्द गोपाल की
गोविन्द गोपाल जय जय श्री गौर गोपाल की
गौर गोपाल जय जय शचिर दुलाल की
शचिर दुलाल जय जय निताई दयाल की
निताई दयाल जय जय  अद्वैत दयाल की
सीता अद्वैत दयाल जय जय गदाधर लाल की
गदाधर लाल जय जय श्रीवास दयाल की
श्रीवास दयाल जय जय भक्त्वृन्द लाल की
भक्त वृंद लाल जय जय श्री गुरु दयाल की
परम करुण प्रेम दाता श्री गुरु दयाल की
शुभ आरती कीजे जय जय मदन गोपाल की|

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे |
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ||

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