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हमारी गुरु माँ, परम पूज्य श्री श्री प्रेमधारा माताजी कहती हैं कि भक्ति की  शुरुआत सुनने से होती है, जिसे श्रवण भक्ति भी कहते है। श्रवण भक्ति, भक्ति की 9 (९) विधियों का एक अंग है। श्रवण करना यानि, सिर्फ भगवत चर्चा को सुनना ही सबसे पहली साधना होती है।

आप माताजी के सभी सत्संग, रेडियो कार्यक्रम, भजन आदि यहाँ से मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं। यहाँ क्लिक करें। माताजी ने ये सारी भगवद-चर्चा की रिकॉर्डिंग्स, यहाँ मुफ्त इसलिये ही पेश की हैं, ताकि लोग ज़्यादा से ज़्यादा, इन्हें सुन कर इसी जन्म में श्रीराधाकृष्ण प्रेम प्राप्त कर, धन्य हो सकें।

इसके अलावा आप माताजी के सत्संग के वीडियो (videos) भी देख सकते हैं। माताजी के सत्संग के लेक्चर के वीडियो मुफ़्त देखने के लिए यहाँ क्लिक करें। (Click Here)

आप माताजी के भजन भी वीडियो में ऑनलाइन देख सकते हैं।  यहाँ क्लिक करें।

अधिक से अधिक सुनिये, सब कुछ अपने फ़ोन में डाल लीजिए। राह चलते, उठते, बैठते, खाते पीते हरदम सुनते रहिये। बहुत जल्द आपके सारे विचार बदल जाएँगे। आप दुनिया के बारे में न सोच कर, अपने परम-प्रिय भगवान के बारे में सोचते-सोचते दिन काटेंगे। और जिसके बारे में आप सारा दिन सोचेंगे, उससे प्रेम तो हो ही जाएगा।

आपके साथ श्री राधारानी का आशीर्वाद है और श्री राधारानी एक दिन आपको भगवान कृष्ण की सेवा प्रदान कर, आपको भगवान के दर्शन करा देंगी।

“कितनी शिद्दत से मैंने तुम्हे पाने की कोशिश की है,
कि हर ज़र्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साजिश की है। ”

बस भगवान को शिद्दत से पाने की कोशिश कीजिए, बाकी सब भगवान स्वयं ही आपसे करवा लेंगे। आप नीचे लिखे आर्टिकल्स को भी ध्यान से पढ़ें और शाश्वत लाभ प्राप्त करें। जय राधे।

 

 

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