Jeevan Parichay – Param Pujya Sri Sri Premdhara MataJi

[tabs type=”horizontal”] [tabs_head] [tab_title]Hindi Language [/tab_title] [tab_title]English Language[/tab_title] [/tabs_head] [tab]

प्रेमधारा माताजी का जन्म, १९ अगस्त, सन १९६९ में, एक आध्यात्मिक परिवार में हुआ। उनके माता पिता ने स्नेहपूर्वक उनका नाम पार्वती रखा।

स्कूल में उनकी आम शुरुआत के बाद, वे अपनी प्रतिभाओं के कारण एक उत्तम वक्ता के रूप में सामने आयीं। उन्होंने `जीसस एंड मैरी कॉलेज` से बी.कॉम. में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। कॉलेज में वे पढ़ाई  के साथ-साथ कवितायेँ लिखती थीं। स्नातक के बाद वो और पढ़ना चाहती थीं इसलिए उन्होंने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता का कोर्स किया। फिर वाई.ऍम.सी.ए. से बिज़नेस मैनेजमेंट का कोर्स किया।

पढ़ाई ख़त्म करने के बाद माताजी ने टाइम्स ऍफ़.एम. में रेडियो जॉकी के तौर पर नौकरी की। कई साल उन्होंने वहाँ सेवा की। उनका रेडियो कार्यक्रम वहाँ भी सफल था। जीवन के उस सफल दौर के बाद माताजी को बहुत दर्दनाक दौर से गुज़रना पड़ा। परन्तु वह दर्द उन के लिए कृपा बनकर सामने आया। उनका मन भगवान की ओर मुड़ गया और वो भगवान का अनुसंधान करने लगीं। सन २००३ में, ये खोज उन्हें कृष्ण भक्ति में ले आयी। जल्दी ही उन्होंने रेडियो जॉकी की नौकरी त्याग दी और कुछ वर्षों के लिए  चिंतन और मनन में समय बिताया। उस दौरान उन्होंने विभिन्न ग्रन्थ खूब तन्मयता से पढ़े।

तब २००८ में राधा श्यामसुन्दर ने उन्हें, रेडियो के माध्यम से, हमारे सुन्दर ग्रंथों की शिक्षाओं को प्रसारित करने के लिए चुना। उन्हें ऍफ़.एम. म्याऊ चैनल पर अपना भगवदचर्चा सम्बन्धी कार्यक्रम देने का अवसर मिला। कुछ ही समय में वह कार्यक्रम बहुत प्रचलित हो गया और लाखों लोगों के जीवन में बदलाव का माध्यम बन गया।

माताजी ने श्रीमत अनंतदास बाबाजी महाराज, जो वृन्दावन, राधाकुंड में महंत हैं, उन्हें सद्गुरु स्वीकार किया।

poster-3

Know More About Guru Dev of Mata JI..click Here…

उन्होंने अपने सद्गुरु महाराज के सानिध्य में ग्रंथों की व्यवहारिक शिक्षाओं का अध्ययन किया। उन्होने  गुरुदेव से श्रीकृष्ण के अवतार  भगवान चैतन्य महाप्रभु के सन्देश को जाना। महाप्रभु, जो धरा पर हर एक को अकारण प्रेम प्रदान करने के लिए अवतरित हुए। अकारण प्रेम यानि शुद्ध  प्रेम अर्थात अकारण शुद्ध सेवा, भगवान की प्रेममयी सेवा।

माताजी श्रीमद भगवदगीता तथा श्रीमद भागवतम में से साप्ताहिक प्रवचन भी करती हैं। उन के प्रवचन और शिक्षाओं में ख़ास बात, जो बहुत लोगों को आकर्षित करती है, यह है कि, उनकी शिक्षाएँ बहुत व्यवहारिक हैं और वो भगवान के गूढ़तम तत्व को बहुत ही आसानी से समझ आने वाले ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

माताजी को निम्न श्लोक बहुत प्रिय है;

तव कथा अमृतं, तप्त जीवनम्

अर्थात,

दुःख-दर्द से भरपूर इस जीवन में भगवदकथा अमृत है। वो श्रीकृष्ण, चैतन्य महाप्रभु और राधारानी की लीलाएँ कहती हैं और उनका वर्णन करती हैं। उनकी सभी कथाएँ प्रेम से पूर्ण होती हैं और श्रोताओं को प्रेमभाव से ओत-प्रोत कर देती हैं।

महाप्रभु धरा पर कृष्ण-प्रेम को प्रदान करने आये। माताजी भी हमारे प्यारे गोस्वामी आचार्यों के जीवन से प्रेरणादायक वृत्तान्त सुनाती हैं।

माताजी का उद्देश्य महाप्रभु द्वारा दिये भक्ति और प्रेम के सन्देश को जगत में फैलाना है। ताकि जगत में सब शाश्वत भाग्वाद्प्रेम का अस्वादन कर पायें।

To know more about Chaitanya Mahaprabhu, click here

You can meet mataji at satsang, click here

 

 

[/tab] [tab]

Premdhara MataJi was born in this material world in a spiritual family on 19th August 1969. She was lovingly named Parvati by her parents.

After her initial humble beginnings in the school, she stood out among her peers due to her outstanding debating skills, sharp memory and oratory skills. She did her graduation in B.com from Jesus and Mary College. In her college life, apart from her studies, she used to write poems. After completing her graduation,  she wanted to go for higher studies , so she joined Journalism course from Bhartiya Vidya Bhawan. After completing journalism course, she went for studying Business Management from YWCA.

After completing her education, Mataji got a job as Radio Jockey at Times FM. She served Times FM for many years and her radio program was also a success there. After a successful phase of life, a bad phase came in her life. She had to undergo a very painful time. But that pain was a blessing in disguise. It turned her mind towards God and she started searching for God. In the year 2003,  this quest brought her into Krishna Bhakti. Soon, she left her lucrative Job as Radio Jockey and went into hibernation for several years. During that period, she studied various scriptures in depth.

Later, Radha Shyam-Sunder selected her to propagate teachings of our beautiful scriptures through radio as a medium in the year 2008. She got an opportunity to give her program on Meow Radio Channel. Within a short span of time, this radio programme became very famous and it transformed millions of lives. Mataji’s radio program now comes on 102.6 AIR FM RAINBOW.

Mataji accepted Srimat Anantdas Babaji Maharaj, who is a Mahant in Radha Kund, Vrindavan as her Sat Guru Maharaj.
poster-3

Know More About Guru Dev of Mata JI..click Here…

She learnt under her Sat Guru Maharaj, the practical teachings of our Scriptures. She was made to understand the message of Lord Chaitanya Mahaprabhu,the incarnation of Lord Krishna, who came on this planet to distribute Unconditional Love for Krishna to everyone. Here Unconditional Love means Unconditional Service.

Mataji also takes weekly discourses on Srimad Bhagavat Gita and Srimad Bhagawatam. The best thing about her discourses which attracts many people is, how practical her teachings are and how she puts forward the deepest philosophies in a very simple and understandable language. Mataji is a strong believer of the shlok:
“तव कथा अमृतं, तप्त जीवनम्”.
Which means, for life full of pains and sufferings, Bhagwat Katha is the saviour. Mataji tells stories (Lilas) about past times of Lord Krishna, Lord Chaitanya Mahaprabhu and Sri Radha Rani. All the stories are filled with love. Mahaprabhu came on this planet earth to spread love for lord. She also tells inspiring incidents from the lives of our Goswamis. 

Mataji’s goal is to spread the message of Bhakti and message of Love given by Chaitanya Mahaprabhu , so that everybody in the whole world can experience eternal love for the Lord.

To know more about Chaitanya Mahaprabhu, click here.
You can meet mataji at satsang ,click here.

[/tab] [/tabs]

One thought on “Jeevan Parichay – Param Pujya Sri Sri Premdhara MataJi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *